jala hai haaye kis jaan-e-chaman ki sham-e-mahfil se | जला है हाए किस जान-ए-चमन की शम-ए-महफ़िल से

  - Ehsan Danish
जलाहैहाएकिसजान-ए-चमनकीशम-ए-महफ़िलसे
महकफूलोंकीआतीहैशरार-ए-आतिश-ए-दिलसे
येदामान-ए-हवादिससेक़यामततकगुलहोगा
चराग़-ए-दिलमिरारौशनहैउनकीशम-ए-महफ़िलसे
जनाब-ए-ख़िज़्रहमकोख़ाकरस्तेपरलगाएँगे
किमंज़िलबे-ख़ुदोंकीहैमुअर्राक़ैद-ए-मंज़िलसे
ठहरभीख़याल-ए-हश्रऔरइकजामपीनेदे
सरकताहैअभीज़ुल्मतकापर्दाख़ाना-ए-दिलसे
सहरनेलेकेअंगड़ाईतिलिस्म-ए-नाज़-ए-शबतोड़ा
फ़लकपरहुस्नकीशमएँउठींतारोंकीमहफ़िलसे
बढ़ाहैकौनयेगिर्दाबकीख़ूराकहोनेको
किउट्ठाशोर-ए-मातमयक-ब-यकअम्बोह-ए-साहिलसे
मिरीबालींसेउठकररोनेवालोयेभीसोचाहै
चलाहूँकिसकीमहफ़िलमेंउठाहूँकिसकीमहफ़िलसे
हैउसकम्बख़्तकोज़िदसोज़-ए-बातिनसेपिघलजाऊँ
निगाहोंनेतुम्हारीकहदियाहैक्यामिरेदिलसे
दामन-गीर-ए-दिलहोना-ख़ुदाफिरकोईनज़्ज़ारा
ख़ुदाकेवास्तेकश्तीबढ़ाआग़ोश-ए-साहिलसे
सिपुर्द-ए-बे-ख़ुदीकरदेफ़राएज़अक़्ल-ए-ख़ुद-बींके
हटादेइससियह-बातिनकापहराख़ाना-ए-दिलसे
हरइकज़र्राहैदिलजानेवालेदेखकरचलना
हज़ारोंहस्तियाँलिपटीपड़ीहैंख़ाक-ए-मंज़िलसे
मिरीबेबाकनज़रेंउनकीजानिबउठहीजातीहैं
अभी'एहसान'मैंवाक़िफ़नहींआदाब-ए-महफ़िलसे
  - Ehsan Danish
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy