परस्तिश-ए-ग़मकाशुक्रियाक्यातुझेआगहीनहीं
तेरेबग़ैरज़िंदगीदर्दहैज़िंदगीनहीं
देखकेख़ुश्कओज़र्दफूलदिलहैकुछइसतरहमलूल
जैसेमिरीख़िज़ाँकेबाददौर-ए-बहारहीनहीं
दौरथाइकगुज़रचुकानशाथाइकउतरचुका
अबवोमक़ामहैजहाँशिकवा-ए-बे-रुख़ीनहीं
इशरत-ए-ख़ुल्दकेलिएज़ाहिद-ए-कज-नज़रझुके
मशरब-ए-इश्क़मेंतोयेजुर्महैबंदगीनहीं
तेरेसिवाकरूँँपसंदक्यातिरीकाएनातमें
दोनोंजहाँकीनेमतेंक़ीमत-ए-बंदगीनहीं
लाखज़मानाज़ुल्मढाएवक़्तनवोख़ुदादिखाए
जबमुझेहोयक़ींकितूहासिल-ए-ज़िंदगीनहीं
दिलकीशगुफ़्तगीकेसाथराहत-ए-मय-कदागई
फ़ुर्सत-ए-मय-कशीतोहैहसरत-ए-मय-कशीनहीं
अश्क-ए-रवाँकीआब-ओ-ताबकरनअवाममेंख़राब
अज़्मत-ए-इश्क़कोसमझगिर्या-ए-ग़महँसीनहीं
अर्सा-ए-फ़ुर्क़त-ओ-फ़िराक़ऐसातवीलतोनथा
भूलरहेहोतुममुझेमैंकोईअजनबीनहीं
ज़ख़्मपेज़ख़्मखाकेजीअपनेलहूकेघूँटपी
आहनकरलबोंकोसीइश्क़हैदिल-लगीनहीं
एकवोरातथीकिजबथामिरेघरवोमाहताब
एकयेरातहैकिअबचाँदहैचाँदनीनहीं
मुज़्दाकिना-मुराद-ए-इश्क़तेरीग़ज़लकाहैवोरंग
वोभीपुकारउठेकियेसेहरहैशा'इरीनहीं