maazi ko apne bhool na jaayen to kya karen | माज़ी को अपने भूल न जाएँ तो क्या करें

  - Dr. Rahi
माज़ीकोअपनेभूलजाएँतोक्याकरें
कबतकहमआसमानकेतारेगिनाकरें
यादोंकेक़ाफ़िलेकोलिएसाथक्याकरें
मंज़िलहीजबनहींहैतोफिरक्यूँचलाकरें
तुमहोहमारेसाथतोदुनियाहैसाथसाथ
जबतुमनहींहोसाथतोदुनियाकोक्याकरें
रहरहकेदेरहाहैदिलआवाज़-ए-बाज़-गश्त
आदमकीतरहहमभीक्यूँइकख़ताकरें
तन्हाईदूरहोकेरहेगीइसीतरह
चुप-चापजबभीवक़्तमिलेहममिलाकरें
ऐलान-ए-हक़करूँँगाज़रूरउनकेसामने
अबचाहेमेरेसरकोवोतनसेजुदाकरें
मुमकिनहैइसदु'आसेहीबाब-ए-असरखुले
आओउठाकेहाथकोअपनेदु'आकरें
तितलीकीतरहफूलसेलिपटारहूँगामैं
चलनेदोलाखतेज़हवाएँचलाकरें
क्यालुत्फ़-ए-मयवोसामने'राही'अगरनहीं
उठतीहैंआसमाँपेघटाएँउठाकरें
  - Dr. Rahi
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