aas shamaein jalaati rahi raat bhar | आस शमएँ जलाती रही रात भर

  - Dr. Rahi
आसशमएँजलातीरहीरातभर
तीरगीमुँहचिढ़ातीरहीरातभर
यादउनकीदिलातीरहीरातभर
रातमुझकोसतातीरहीरातभर
उनकीख़ुशबूसेआँगनमहकतारहा
चाँदनीमुस्कुरातीरहीरातभर
आपकीराहमेंरौशनीकेलिए
आरज़ूजगमगातीरहीरातभर
गुलकेलबपरहँसीदेखनेकेलिए
शबनमआँसूबहातीरहीरातभर
इकसनोबरतलेठंडीठंडीहवा
इककहानीसुनातीरहीरातभर
चश्म-ए-साक़ीमें'राही'वोक्याबातथी
आँखसेनींदउड़ातीरहीरातभर
  - Dr. Rahi
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