hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dipendra Singh 'Raaz'
meri haalat ka sabab tumko na samjhe duniya
meri haalat ka sabab tumko na samjhe duniya | मेरी हालत का सबब तुमको न समझे दुनिया
- Dipendra Singh 'Raaz'
मेरी
हालत
का
सबब
तुमको
न
समझे
दुनिया
देख
के
तुमको
न
बोले
के
यही
तो
है
वो
- Dipendra Singh 'Raaz'
Download Sher Image
फ़रिश्ते
से
बढ़
कर
है
इंसान
बनना
मगर
इस
में
लगती
है
मेहनत
ज़ियादा
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
25 Likes
अजीब
हालत
है
जिस्म-ओ-जाँ
की
हज़ार
पहलू
बदल
रहा
हूँ
वो
मेरे
अंदर
उतर
गया
है
मैं
ख़ुद
से
बाहर
निकल
रहा
हूँ
Azm Shakri
Send
Download Image
26 Likes
इसी
लिए
तो
है
ज़िंदाँ
को
जुस्तुजू
मेरी
कि
मुफ़लिसी
को
सिखाई
है
सर-कशी
मैं
ने
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
16 Likes
हालत-ए-हाल
से
बेगाना
बना
रक्खा
है
ख़ुद
को
माज़ी
का
निहाँ-ख़ाना
बना
रक्खा
है
Abbas Qamar
Send
Download Image
27 Likes
बार
बार
उसके
दरलपे
जाता
हूँ
हालत
अब
इज़्तिराब
की
सी
है
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
22 Likes
मैं
ने
मेहनत
से
हथेली
पे
लकीरें
खींचीं
वो
जिन्हें
कातिब-ए-तक़दीर
नहीं
खींच
सका
Umair Najmi
Send
Download Image
49 Likes
मज़दूर
भले
सारी
ही
उम्र
करे
मेहनत
बेटी
की
विदाई
लायक़
पैसे
नहीं
होते
Amaan Pathan
Send
Download Image
2 Likes
बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
Read Full
Chandan Sharma
Send
Download Image
2 Likes
मेहनत
से
है
अज़्मत
कि
ज़माने
में
नगीं
को
बे-काविश-ए-सीना
न
कभी
नामवरी
दी
Bahadur Shah Zafar
Send
Download Image
17 Likes
मिल
के
होती
थी
कभी
ईद
भी
दीवाली
भी
अब
ये
हालत
है
कि
डर
डर
के
गले
मिलते
हैं
Unknown
Send
Download Image
40 Likes
Read More
काम
आती
नहीं
दवा
कोई
रोज़
देता
है
बद्दुआ
कोई
ख़ाली
कमरे
में
ऐसे
लगता
है
दे
रहा
है
मुझे
सदा
कोई
कौन
है
उस
तरफ़
कोई
भी
नहीं
मुझको
ऐसा
लगा
कि
था
कोई
मुझको
डर
है
न
पूछ
ले
मुझ
सेे
है
भला
शहर
में
तेरा
कोई
कॉल
करने
का
उसको
जब
सोचूंँ
याद
आता
है
वास्ता
कोई
दिल
मकाँँ
है
ये
जैसे
मुफ़्लिस
का
तोड़
जाता
है
बारहा
कोई
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Download Image
2 Likes
किसी
की
लौट
आई
है
मुहब्बत
कोई
फिर
से
अकेला
पड़
गया
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
जब
वो
कुछ
देर
याद
आता
है
ग़म
पे
फिर
शे'र
याद
आता
है
पहले
आती
है
याद
उसकी
फिर
मुझको
अजमेर
याद
आता
है
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
सबब
तन्हाई
का
है
वो
मेरी
कहती
थी
मुझको
जो
किसी
भी
हाल
में
तुमको
कभी
तन्हा
न
छोडूंँगी
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
दिन
गुज़ारे
जिसके
बिन
रोते
हुए
आएगा
वो
एक
दिन
रोते
हुए
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Jawani Shayari
Mehboob Shayari
Nazar Shayari
Mehndi Shayari
Shikwa Shayari