kis ke sapnon se mirii neend saji rahtii hai | किस के सपनों से मिरी नींद सजी रहती है

  - Dinesh naaidu
किसकेसपनोंसेमिरीनींदसजीरहतीहै
जागताहूँतोइनआँखोंमेंनमीरहतीहै
ढूँढतारहताहूँबे-सुधमैंकिसीमाचिसको
एकसिगरेटमिरेहोंटोंसेलगीरहतीहै
एकतस्वीरसलीक़ेसेरखीहैघरमें
बाक़ीहरचीज़तोबसयूँँहीपड़ीरहतीहै
ऐसेआलममेंजहाँकोईनहींकहताकुछ
येसदाओंकीफ़ज़ाकैसेबनीरहतीहै
ढलताजाताहूँअँधेरोंमेंमैंरफ़्ता-रफ़्ता
चाँदनीदूरकहींदूरखड़ीरहतीहै
मैंतिरेपासख़लाओंमेंपहुँचजाताहूँ
औरइकलाशकहींघरमेंपड़ीरहतीहै
  - Dinesh naaidu
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