vo qalandaron men shumaar hai | वो क़लंदरों में शुमार है

  - Dinesh Kumar
वोक़लंदरोंमेंशुमारहै
ग़म-ए-ज़ीस्तसेउसेप्यारहै
मिरेबाग़-ए-दिलकेनसीबमें
फ़क़तइंतिज़ार-ए-बहारहै
ग़म-ए-आशिक़ीसेजोपूछिए
येजहाँभीउजड़ादयारहै
जिसेताजकहताहैयेजहाँ
वोहक़ीक़तनतोमज़ारहै
येअजबनहींकिजुनून-ए-इश्क़
सर-ए-दारथासर-ए-दारहै
मैंजोहक़-हलालकीरहपेहूँ
मुझेख़्वाबमेंभीक़रारहै
मिरीधड़कनेंभीहैंबहरमें
मुझेशाइ'रीकाख़ुमारहै
  - Dinesh Kumar
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