jaagte rahna hai ab KHvaab ki ta'beer talak | जागते रहना है अब ख़्वाब की ता'बीर तलक

  - Dilshad Naseem
जागतेरहनाहैअबख़्वाबकीता'बीरतलक
दर्दसहनाहैयेतिरयाककीतासीरतलक
इसमेंसायाकोईबनजाएतोजानातुम
हमयहींबैठेंगेदीवारकीता'मीरतलक
आपकेसाथबसइकशामबितानेकेलिए
दावपेदिलकीलगाडालीहैजागीरतलक
आसमाँपरजोसितारोंकीथीमहफ़िलइसमें
हमनेदेखीथीनुमायाँतिरीतस्वीरतलक
आज'दिलशाद'नेफिरएकग़ज़ललिखडाली
सिलसिलाजाएगा'ग़ालिब'सेकभी'मीर'तलक
  - Dilshad Naseem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy