na jaane kaisi mohabbat ke wa'de raat jale | न जाने कैसी मोहब्बत के वा'दे रात जले

  - Dilshad Naseem
जानेकैसीमोहब्बतकेवा'देरातजले
जलाजोख़ततोसखीमेरेदोनोंहाथजले
गुज़ारादिनजोउदासीमेंशामकहनेलगी
बहुतअकेलीहूँमैंकोईमेरेसाथजले
पलटकेहालपूछाफ़रेब-कारोंने
येदिलकेसाथमिरेएकऔरघातजले
गँवाकेबैठीहूँमैंआजअपनासब्र-ओ-क़रार
किसाथचाँदकेमेरीतूसारीरातजले
मैंउसकहानीकाकिरदारहूँकिजिसमेंसदा
वफ़ाकोलिखनेसेपहलेहीमेराहाथजले
ख़िज़ाँकेबा'दबहारोंकीराहदेखीतो
येहैफ़सदकिमिरीआरज़ूकेपातजले
हैप्यासऐसीकि'दिलशाद'आँसूतकहैंपिए
कितेरेहिज्रमेंदिलमेराबातबातजले
  - Dilshad Naseem
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