hai udaasi ka murtakib koi | है उदासी का मुर्तकिब कोई

  - Dilshad Naseem
हैउदासीकामुर्तकिबकोई
मुझमेंरहताहैमुज़्तरिबकोई
चाँदभीरौशनीनहींदेता
जबसेरूठाहैबे-सबबकोई
अपनेमौक़िफ़कीबातकरताहै
मुझसेमिलताहैकेजबकोई
मैंतोसुनतीनहींहूँअपनीभी
यहाँहोताहैअपनाकबकोई
कीजिएग़मसेआपहीपर्दा
कहरहाहैयेमुहतजिबकोई
  - Dilshad Naseem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy