ravaani gham ki jis men thii vo jauhar de diya main ne | रवानी ग़म की जिस में थी वो जौहर दे दिया मैं ने

  - Dildar Hashmi
रवानीग़मकीजिसमेंथीवोजौहरदेदियामैंने
ग़ज़लप्यासीथीजज़्बोंकासमुंदरदेदियामैंने
जिसआबादीमेंबे-सूरजअँधेराहीअँधेराथा
उसेभीचाँदनी-रातोंकामंज़रदेदियामैंने
जोमुद्दतसेगिरेथेबे-पर-ओ-बालीकीखाईमें
उड़ानोंकेलिएउनकोभीशहपरदेदियामैंने
जोपलकोंपरसजाकरआसकेकुछख़्वाबबैठेथे
उन्हेंउनकीतमन्नाओंकामज़हरदेदियामैंने
कहो'दिलदार'मुझसेऔरक्याअबचाहिएतुमको
तुम्हारेशहरकोतहज़ीबकाघरदेदियामैंने
  - Dildar Hashmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy