taveel lagti ho gar raahguzaar to jaane do | तवील लगती हो गर रहगुज़र तो जाने दो

  - Dheerendra Singh Faiyaz
तवीललगतीहोगररहगुज़रतोजानेदो
हुआहोपैरोंकोमुश्किलसफ़रतोजानेदो
फिरएकरोज़सदाबनकेहमभीगूंजेंगे
बदनहमाराख़मोशीसेभरतोजानेदो
मुझेभीइल्महैकितनाबिगड़चुकाहूँमैं
दोबाराबननहींसकताअगरतोजानेदो
हमारेसाथअगरहैंतोअपनेहीसाए
जोढूँढतेहोयहाँपरशजरतोजानेदो
बनाएँगेकभीख़ुदकोकरेंगेफिरयकजा
हमेंतसल्लीसेपहलेबिखरतोजानेदो
तुम्हेंभीदेकेजगहहाथआज़माएँगे
मगरगुज़िश्ताकाइसदिलसेडरतोजानेदो
इकएकनींदकेझोंकेकाबदलालेंगेहम
तुम्हारीआँखोंमेंहमकोउतरतोजानेदो
येएहतियातबरतनाथाइश्क़सेपहले
अबइसकेबा'दअगरजाएसरतोजाने
  - Dheerendra Singh Faiyaz
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