main is zameen ki dushvaariyaañ banaoonga | मैं इस ज़मीन की दुश्वारियाँ बनाऊँगा

  - Dheerendra Singh Faiyaz
मैंइसज़मीनकीदुश्वारियाँबनाऊँगा
परिंदेफूलकभीटहनियाँबनाऊँगा
हरएकशख़्सयहाँदूरियाँबनाताहै
मैंकुछअलगहूँमैंनज़दीकियाँबनाऊँगा
तुम्हारीरूहकोपैकरमेंढालदूँगाफिर
तुम्हारेजिस्मकीपरछाइयाँबनाऊँगा
तुम्हारीआँखकीगहराइयाँबनानीहैं
तुम्हारीचुपसेमैंख़ामोशियाँबनाऊँगा
सबाकीनाज़ुकीमहसूसकरकेइकमुद्दत
मैंतितलियोंपेतिरीउँगलियाँबनाऊँगा
तिरेहीसामनेआँखेंबनाऊँगातेरी
तिरेहीसामनेहैरानियाँबनाऊँगा
भटकतेरहनेसेमुझकोअगरमिलीफ़ुर्सत
मैंअपनेवास्तेख़ुदबेड़ियाँबनाऊँगा
मुझेहैइल्मकिदुनियाकीसम्तजानेपर
मैंभीड़सोचूँगातन्हाइयाँबनाऊँगा
इसएकख़्वाबनेनींदेंउजाड़दींमेरी
क़फ़सबनाऊँगामैंक़ैंचियाँबनाऊँगा
  - Dheerendra Singh Faiyaz
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