jaisi hamaari chaah thii waisi nahin lagii | जैसी हमारी चाह थी वैसी नहीं लगी

  - Devang Thakur
जैसीहमारीचाहथीवैसीनहींलगी
दुनियातुम्हारेबादभीअच्छीनहींलगी
तूथातोदीदनीथेमनाज़िरभीहरतरफ़
तेरेबग़ैरदुनियातोकुछभीनहींलगी
दमघुटरहाहैरूहकाहरपलमेरेख़ुदा
क्यूँकरबदनमेंएकभीखिड़कीनहींलगी
तल्ख़ीतुम्हारीइतनातोकामआईहैमेरे
चाहेदवाहोकोईभीकड़वीनहींलगी
येज़ोमथाकिशा'इरीहैमेरीमुनफ़रिद
दुनियाकोपरयेशा'इरीअच्छीनहींलगी
  - Devang Thakur
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