aaya dobaara mujh pe vo bazaar dekh kar | आया दुबारा मुझ पे वो बाज़ार देख कर

  - Devang Thakur
आयादुबारामुझपेवोबाज़ारदेखकर
मैंख़ुशहुआहूँज़र्फ़-ए-ख़रीदारदेखकर
तूफ़ान-ए-गर्द-ए-दिलअभीउठनेकोहैयहाँ
आनाहैतुझकोमेरेयारदेखकर
पलकेंझपकनेभरमेंयूँँसदियाँगुज़रगईं
डरलगरहाहैवक़्तकीरफ़्तारदेखकर
बससरपटकरहाहूँबताऔरक्याकरूँँ
दोनोंदिलोंकेबीचयेदीवारदेखकर
आँखोंमेंजिसकीडूबनेकाख़्वाबथामेरा
वोशख़्सहँसरहाहैमुझेपारदेखकर
मैंपुतलियोंकोदेखकेआँखोंमेंफँसगया
ठहरीनदीमेंगयामझधारदेखकर
  - Devang Thakur
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