bataa ye kaun si manzil hai ai umr-e-ravaan mujh ko | बता ये कौन सी मंज़िल है ऐ उम्र-ए-रवाँ मुझ को

  - Dawood Khan Raaz
बतायेकौनसीमंज़िलहैउम्र-ए-रवाँमुझको
नज़रआतानहींख़ुदकाभीअबसायाजहाँमुझको
येहैअज़्म-ए-जवाँमेरानशेमनफिरबनालूँगा
जलानेकानहींएहसासबर्क़-ए-तपाँमुझको
बिछड़करकारवाँसेमैंभटकताहीरहाहरसू
नज़रआईमंज़िलऔरगर्द-ए-कारवाँमुझको
मसीहाज़हरदेदेयाईलाज-ए-दर्द-ओ-ग़मकरदे
कभीलेनेदेगाचैनयेदर्द-ए-निहाँमुझको
अज़ाएमलेकेउठ्ठाहूँअटलमेरेइरादेहैं
कभीनीचादिखासकतानहींतूआसमाँमुझको
जहाँशर्मिंदा-ए-ताबीरहैफ़ितरतज़मानेकी
ख़ुलूस-ए-आदमियत'राज़'लाईहैवहाँमुझको
  - Dawood Khan Raaz
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