ye kaali ghatta uth ke may-khaanon ke sar aayi | ये काली घटा उठ के मय-ख़ानों के सर आई

  - Dawood Khan Raaz
येकालीघटाउठकेमय-ख़ानोंकेसरआई
गर्दिशयेज़मानेकीपैमानोंकेसरआई
गुलशनपेगिरीबिजलीऔरआगलगीजिसदम
येआगजोफैलीतोकाशानोंकेसरआई
आतेहीबहारोंकेफिरचाकहुएदामन
हरसहरा-नवर्दीयेदीवानोंकेसरआई
देकरभीवफ़ामेंजाँइल्ज़ाम-ए-जफ़ाआया
रुस्वाईमोहब्बतमेंनादानोंकेसरआई
मौजोंनेडुबोयाहैसाहिलपेसफ़ीनेको
क़िस्मतकीबुराईथीतूफ़ानोंकेसरआई
'राज़'मुझेमिलतीजोभीथीसज़ामिलती
क्यूँमेरीख़तासारेबेगानोंकेसरआई
  - Dawood Khan Raaz
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