meri manzil kahaan hai kya ma'aloom | मेरी मंज़िल कहाँ है क्या मा'लूम

  - Davarka Das Shola
मेरीमंज़िलकहाँहैक्यामा'लूम
इंतिहाग़महैइब्तिदामा'लूम
तुमनहींमेरेअबयेराज़खुला
मैंतुम्हाराहूँअबहुआमा'लूम
दिलकीपर्वाकरेकोईकबतक
चाहताक्याहैयेख़ुदामा'लूम
दूरसेगुलकोदेखनाक्याहै
यूँँतोहोताहैख़ुशनुमामा'लूम
पासआएतोअस्लहुस्नखुले
दूरकीचीज़राज़-ए-ना-मा'लूम
तुमकोचाहाबड़ाक़ुसूरकिया
सहवज़ाहिरहैऔरख़तामा'लूम
बातबनतीनज़रनहींआती
उनकेतेवरसेहोगयामा'लूम
वज़्अ'-दारीसेचुपरहूँवर्ना
हैमुझेराज़आपकामा'लूम
कौनहैजिसकोख़ू-ए-मौलाका
राज़-ए-सर-बस्ताहोसकामा'लूम
इसक़दरजल्दमौतआएगी
हाएइंसाँकोयेथामा'लूम
मैंवफ़ाभीकरूँँगिलेभीकरूँँ
मुझकोहोताहैयेबुरामा'लूम
क्याकहेंकिसलिएरहेमा'तूब
हमकोअबतकनहींख़तामा'लूम
चलके'शो'ला'सेपूछिएक्यूँँकर
जुर्मसाबितहुआसज़ामा'लूम
  - Davarka Das Shola
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