zindagi kya hai ibtila ke siva | ज़िंदगी क्या है इब्तिला के सिवा

  - Davarka Das Shola
ज़िंदगीक्याहैइब्तिलाकेसिवा
शिकवा-ए-दर्द-ए-ला-दवाकेसिवा
तेरीदुनियामेंक्यानहींमिलता
इकदिल-ए-दर्द-आश्नाकेसिवा
चारा-ए-दर्द-ए-ज़िंदगीक्याहै
आह-ए-जाँ-काह-ओ-इल्तिजाकेसिवा
कुछनहींइख़्तियारमेंअपने
बंदगीकेसिवादु'आकेसिवा
मैंनेहरबातउनसेकहडाली
लेकिनइकहर्फ़-ए-मुद्दआ'केसिवा
मेरीइमदादसबनेफ़रमाई
वाइज़-ओ-ज़ाहिद-ओ-ख़ुदाकेसिवा
कौनसमझेगाइनहक़ाएक़को
'शो'ला'-ए-रिंद-ए-पारसाकेसिवा
  - Davarka Das Shola
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