koi ilzaam na duniya men kisi par rakhna | कोई इल्ज़ाम न दुनिया में किसी पर रखना

  - Daud Naseeb
कोईइल्ज़ामदुनियामेंकिसीपररखना
दिललहूहोभीतोचेहरेकोगुल-ए-तररखना
ख़ाककाहोकिहोकाँटोंकावोबिस्तरदोस्त
नींदजाएगीतकियातूख़ुदापररखना
क्याख़बरराहमेंकबसाथख़ुशीकाछूटे
ज़िंदगीग़मकोभीसाथअपनेबराबररखना
देखआँखोंकीज़मींहैलरज़जाएकहीं
तसव्वुरतूयहाँपाँवसँभलकररखना
ज़ानू-ए-यारसमझकरउसेसोजाएँगे
हमग़रीबोंकेसिरहानेज़रापत्थररखना
चाहताहैयेमिरेदौरकादस्तूर'नसीब'
तिश्नगीदिलमेंतोआँखोंमेंसमुंदररखना
  - Daud Naseeb
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