ho gaya ham pe jo na tha hona | हो गया हम पे जो न था होना

  - Daud Naseeb
होगयाहमपेजोथाहोना
ज़िंदगीतुझसेक्याख़फ़ाहोना
किसक़दरहैबुराज़मानेमें
आदमीकाज़राबुराहोना
दोघड़ीकेलिएतिरामिलना
ज़िंदगीभरकाहैजुदाहोना
उसनेबढ़करमुझेसँभालाहै
कामआयाशिकस्ता-पाहोना
रातकटतीहैजिसकीआँखोंमें
पूछिएउससेसुब्हकाहोना
येज़मानेकीतेज़धूप'नसीब'
औरअपनाबरहना-पाहोना
  - Daud Naseeb
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy