aankhoñ men ashk aur na labon par hañsi rahi | आँखों में अश्क और न लबों पर हँसी रही

  - Daud Naseeb
आँखोंमेंअश्कऔरलबोंपरहँसीरही
दुनियाहमारेहालकोचुपदेखतीरही
बरसोंहमारेसाथरवाँज़िंदगीरही
आख़िरकोअजनबीकीवहीअजनबीरही
तुझकोजिन्होंनेसाहब-ए-महफ़िलबनादिया
महफ़िलमेंतेरीसिर्फ़उन्हींकीकमीरही
बैठेतोएकपैकर-ए-फ़ित्नाबनेरहे
उट्ठेतोकेसाथक़यामतखड़ीहुई
अहल-ए-जुनूँतोइससेभीआगेनिकलगए
मंज़िलकेफ़ासलोंकोख़िरदनापतीरही
दुनियाकोठोकरोंमेंरखाजिसनेदोस्तो
क़दमोंमेंऐसेशख़्सकेदुनियापड़ीरही
ख़ामोशहमभीसुनतेरहेअपनीदास्ताँ
दुनियाबग़ैरनामलिएबोलतीरही
जबसेग़मोंकीभीड़मेंहमखोगए'नसीब'
उसरोज़सेख़ुशीभीहमेंढूँढतीरही
  - Daud Naseeb
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