maqsad haasil nahin ho ya ho | मक़्सद हासिल नहीं हो या हो

  - Dattatriya Kaifi
मक़्सदहासिलनहींहोयाहो
जोहोनाहैजल्दख़ुदाहो
उल्फ़तहैपास-ए-वज़्अ'कानाम
मरतेमरजाओपरनिबाहो
दिलमेंनहींख़ूबमैलरखना
जोशिकवागिलाहोबरमलाहो
क्याहोताहैफ़र्शबोरियासे
लाज़िमहैकिक़ल्बबे-रियाहो
इकजामहीतोपिलादेलिल्लाह
पीर-ए-मुग़ाँतेराभलाहो
दरकारउसेमददहैकिसकी
जिसकोअल्लाहकाआसराहो
उसदिलकीजलनजोदेखपाए
शम-ए-सोज़ाँचराग़-पाहो
क्याऔरभलाकहूँमैंतुमको
तुमहज़रत-ए-इश्क़बद-बलाहो
कहनेकोतोकहगएहोसबकुछ
अबकोईजवाबदेतोक्याहो
दिलज़ीस्तसेसर्दहोगयाहै
सोज़-ए-जिगरतिराबुराहो
बे-ऐबकोईनहींहै'कैफ़ी'
गरहोतोवोज़ात-ए-किब्रियाहो
  - Dattatriya Kaifi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy