husn-e-azal ka jalwa hamaari nazar men hai | हुस्न-ए-अज़ल का जल्वा हमारी नज़र में है

  - Dattatriya Kaifi
हुस्न-ए-अज़लकाजल्वाहमारीनज़रमेंहै
जोतूरपरहुआथादिल-ए-दीदा-वरमेंहै
दैरहरममेंकिसलिएआवारा-गर्दियाँ
जिसकीतुझेतलाशहैवोदिलकेघरमेंहै
जोदेखनेकीआँखहैतुझकोनहींमिली
वोनूरक़दमेंवर्नाशजरमेंहजरमेंहै
ख़ामोशियोंमेंमहफ़िल-ए-अंजुमकीउसकोदेख
हँगामा-मस्तक्यूँँतूनुमूद-ए-सहरमेंहै
देखाहैऔरफिरनहींआयानज़रतुझे
वोहुस्नवोजलालजोशम्सक़मरमेंहै
उसकोनतीजेइल्लत-ए-ग़ाईकीइसकोधुन
फ़र्क़इसक़दरहीबे-ख़बरबा-ख़बरमेंहै
ढूँडाहैजिसनेउसनेहीपायासुनानहीं
लिक्खाहुआयेहुक्मक़ज़ा-ओ-क़दरमेंहै
हाँहाँख़ुदाख़ुदाहीहैऔरहैबशरबशर
इसउक़्देकाजोहलहैवोक़ल्ब-ए-बशरमेंहै
वोभीतोहैंनज़ारा-ए-कुलजुज़मेंहैजिन्हें
पोशीदाराज़-ए-दीदतोहुस्न-ए-नज़रमेंहै
हैइश्क़जुज़्व-ए-ला-यत-जज़्ज़ायक़ीनजान
येक़ीमत-ए-मजाज़-ओ-हक़ीक़तख़तरमेंहै
क्याशौक़-ए-दीदतुझपेतोग़ालिबहैलुत्फ़-ए-दीद
जोबाततेरेदिलमेंहैअपनीनज़रमेंहै
निकलेफँसकेगेसू-ए-पुर-पेच-ओ-ख़मसेदिल
साहिलपेख़ाकपहुँचेजोकश्तीभँवरमेंहै
उल्फ़तहैकिसकीकैसीमोहब्बतकहाँकाइश्क़
मादूमतूतोफ़िक्र-ए-दहान-ओ-कमरमेंहै
नाक़िसथीइब्तिदातोहैअंजाम-ए-इश्क़भी
बे-रब्तीमुब्तदामेंजोथीवोख़बरमेंहै
'कैफ़ी'मसीह-ए-शेरहैंअहबाबऔरभी
इकतुझसेजान-ए-ताज़ानहींइसढचरमेंहै
  - Dattatriya Kaifi
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