ban-sanwar kar ho jo vo jalwa-numa kothe par | बन-सँवर कर हो जो वो जल्वा-नुमा कोठे पर

  - Dattatriya Kaifi
बन-सँवरकरहोजोवोजल्वा-नुमाकोठेपर
चर्ख़-ए-चारुमकानज़रआएसमाकोठेपर
तश्त-अज़-बामकरनाकहींराज़-ए-उल्फ़त
इशारेकरोशोख़-अदाकोठेपर
डोरेडालेंकहींयारउड़ानेवाले
बे-तकल्लुफ़यूँँकन्कव्वेउड़ाकोठेपर
सबकोमहताबकाधोकाहुआमहताबीपर
कलसर-ए-शामवोमह-रूजोचढ़ाकोठेपर
वोकहाकरतेहैंकोठोंचढ़ीहोंटोंनिकली
दिलमेंहीरखनाजोकलरातहुआकोठेपर
चाँदनीहोबिछीऔरचाँदनेहोखेतकिया
औरपहलूमेंहोवोमह-लक़ाकोठेपर
आफ़्ताब-ए-लब-ए-बामअबतोहुएहैं'कैफ़ी'
आँखेंफिरउससेलड़ाएँभलाक्याकोठेपर
  - Dattatriya Kaifi
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