ye mo'jiza bhi dikhaati hai sabz aag mujhe | ये मो'जिज़ा भी दिखाती है सब्ज़ आग मुझे

  - Daniyal Tareer
येमो'जिज़ाभीदिखातीहैसब्ज़आगमुझे
परोंबग़ैरउड़ातीहैसब्ज़आगमुझे
मैंआयतोंकीतिलावतमेंमहवरहताहूँ
हरइकबलासेबचातीहैसब्ज़आगमुझे
हरएकशाख़पेरखतीहैज़र्दक़िंदीलें
फिरउसकेबा'दजलातीहैसब्ज़आगमुझे
मेंआब-ए-सुर्ख़मेंजबख़्वाबतकपहुँचताहूँ
तोमेरेसामनेलातीहैसब्ज़आगमुझे
हिनाईपाँवरगड़तेहुएघासपेचल
तुझेख़बरहैकिभातीहैसब्ज़आगमुझे
मैंजबभीजलतेहुएकोएलोंपेसोताहूँ
तोआसमाँसेबुलातीहैसब्ज़आगमुझे
ज़मींपेनागहैंऔरउनकेमुँहमेंख़्वाबकीलौ
कहानियोंसेडरातीहैसब्ज़आगमुझे
  - Daniyal Tareer
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