paani ke sheeshon men rakkhi jaati hai | पानी के शीशों में रक्खी जाती है

  - Daniyal Tareer
पानीकेशीशोंमेंरक्खीजातीहै
सुंदरताझीलोंमेंरक्खीजातीहै
छूनेकोबढ़जातीहैवोमोमबदन
आगकहाँपोरोंमेंरक्खीजातीहै
चाँदतिरेमाथेसेउगताहैचंदा
रातमिरीआँखोंमेंरक्खीजातीहै
हाथोंमेंरेखाएँपीलेमौसमकी
सब्ज़परीख़्वाबोंमेंरक्खीजातीहै
छूलेतीहैजोतेरेनाज़ुकपाँव
वोमिट्टीगमलोंमेंरक्खीजातीहै
रंगजुदाकरनेकेलिएचश्म-ओ-लबके
क़ौस-ए-क़ुज़हअंधोंमेंरक्खीजातीहै
ऐसेभीआराइशहोतीहैघरकी
तन्हाईकमरोंमेंरक्खीजातीहै
  - Daniyal Tareer
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