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Danish Balliavi
yuñ neelaam ho jaaunga teri khaatir
yuñ neelaam ho jaaunga teri khaatir | यूँँ नीलाम हो जाऊँगा तेरी ख़ातिर
- Danish Balliavi
यूँँ
नीलाम
हो
जाऊँगा
तेरी
ख़ातिर
मैं
गुमनाम
हो
जाऊँगा
तेरी
ख़ातिर
लोग
मुझे
मशहूर
बहुत
ही
समझते
हैं
मैं
बदनाम
हो
जाऊँगा
तेरी
ख़ातिर
- Danish Balliavi
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इंसाँ
की
ख़्वाहिशों
की
कोई
इंतिहा
नहीं
दो
गज़
ज़मीं
भी
चाहिए
दो
गज़
कफ़न
के
बाद
Kaifi Azmi
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सब
लोग
जिधर
वो
हैं
उधर
देख
रहे
हैं
हम
देखने
वालों
की
नज़र
देख
रहे
हैं
Dagh Dehlvi
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लोग
टूट
जाते
हैं
एक
घर
बनाने
में
तुम
तरस
नहीं
खाते
बस्तियाँ
जलाने
में
Bashir Badr
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ये
लोग
कौन
हैं
आख़िर
कहाँ
से
आते
हैं
जो
जिस्म
नोच
के
फिर
बेटियाँ
जलाते
हैं
Shajar Abbas
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वो
आदमी
नहीं
है
मुकम्मल
बयान
है
माथे
पे
उस
के
चोट
का
गहरा
निशान
है
वो
कर
रहे
हैं
इश्क़
पे
संजीदा
गुफ़्तुगू
मैं
क्या
बताऊँ
मेरा
कहीं
और
ध्यान
है
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Dushyant Kumar
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इसी
लिए
तो
यहाँ
अब
भी
अजनबी
हूँ
मैं
तमाम
लोग
फ़रिश्ते
हैं
आदमी
हूँ
मैं
Bashir Badr
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अलमास
धरे
रह
जाते
हैं
बिकता
है
तो
पत्थर
बिकता
है
अजनास
नहीं
इस
दुनिया
में
इंसाँ
का
मुक़द्दर
बिकता
है
'खालिद
सज्जाद'
सुनार
हूँ
मैं
इस
ग़म
को
ख़ूब
समझता
हूँ
जब
बेटा
छुप
कर
रोता
है
तब
माँ
का
ज़ेवर
बिकता
है
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Khalid Sajjad
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जो
लोग
ख़ुद
न
करते
थे
होंठों
से
पान
साफ़
पलकों
से
कर
रहे
हैं
तेरा
पायदान
साफ़
Charagh Sharma
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ग़म-ए-हयात
में
यूँँ
ढह
गया
नसीब
का
घर
कि
जैसे
बाढ़
में
डूबा
हुआ
गरीब
का
घर
वबायें
आती
गईं
और
लोग
मरते
गए
हमारे
गाँव
में
था
ही
नहीं
तबीब
का
घर
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Ashraf Ali
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कुछ
लोग
ख़यालों
से
चले
जाएँ
तो
सोएँ
बीते
हुए
दिन
रात
न
याद
आएँ
तो
सोएँ
Habib Jalib
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जो
लिखता
हूँ
मैं
वो
तहरीरें
भेजी
जा
रही
हैं
किसी
को
मेरी
सब
तस्वीरें
भेजी
जा
रही
हैं
Danish Balliavi
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तुम
मेरे
ख़यालों
में
आया
करते
हो
फिर
कुछ
लम्हें
यूँँ
नइँ
ज़ाया'
करते
हो
Danish Balliavi
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मुहब्बत
का
था
जो
मौसम
सुहाना
याद
है
लोगों
मुझे
वो
बे-वफ़ाई
का
ज़माना
याद
है
लोगों
Danish Balliavi
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तूने
मुझ
को
बहुत
रुलाया
है
ग़ैर
को
तूने
बस
हँसाया
है
Danish Balliavi
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मुहब्बत
के
सारे
सितम
लिख
रहा
हूँ
सनम
अपने
दिल
का
मैं
ग़म
लिख
रहा
हूँ
मेरी
आँखों
से
सिर्फ़
निकले
हैं
आँसू
मैं
आँखों
के
बारे
में
नम
लिख
रहा
हूँ
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Danish Balliavi
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