jab talak be-khu | जब तलक बे-ख़ुदी नहीं होती इश्क़ में चाशनी नहीं होती

  - dagh Niyazi
जबतलकबे-ख़ुदीनहींहोतीइश्क़मेंचाशनीनहींहोती
कोशिशेंमैंनेकींबहुतलेकिन
हादसोंमेंकमीनहींहोती
जबसेछोड़ाहैउसनेसाथमिरा
दिलकोराहतकभीनहींहोती
आपचाहेंतोरूठसकतेहैं
हमसेतोबे-रुख़ीनहींहोती
हमनेजाँतकनिसारकरडाली
उनकोअबभीख़ुशीनहींहोती
जबहोंहुस्न-ए-यारकीबातें
शा'इरीशा'इरीनहींहोती
पहलेहोतीथींबैठकरबातें
अबमुलाक़ातभीनहींहोती
उनकेमिलनेसे'दाग़'दिलकोमिरे
अबतोकोईख़ुशीनहींहोती
  - dagh Niyazi
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