zinda-dili nishaana-e-tahqeer kis li.e | ज़िंदा-दिली निशाना-ए-तहक़ीर किस लिए

  - dagh Niyazi
ज़िंदा-दिलीनिशाना-ए-तहक़ीरकिसलिए
खिंचतीनहींहयातकीतस्वीरकिसलिए
शाख़-ए-शजरपेहोतीतोकुछऔरबातथी
मौजोंपेआशियानेकीता'मीरकिसलिए
क्यातूनेपैरवी-ए-नबीछोड़दीहैअब
बे-फ़ैज़होगईतिरीतक़रीरकिसलिए
अहल-ए-शुऊ'रजोथेवोपस्तीमेंखोगए
बे-ढंगलोगपागएतौक़ीरकिसलिए
तूफ़ानकाख़यालहैयाज़लज़लेकाख़ौफ़
तेरेलबोंपेनाला-ए-शब-गीरकिसलिए
मशहूरथींज़मानेमेंशीरीं-बयानीयाँ
अबखोगईज़बानकीतासीरकिसलिए
ता-सुब्हतूनेख़्वाबहीदेखारातको
फिरपूछताहैख़्वाबकीता'बीरकिसलिए
मंज़िलहै'दाग़'सामनेअपनेक़दमबढ़ाओ
तुमदेखतेहोजानिब-ए-रह-गीरकिसलिए
  - dagh Niyazi
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