is chaman-zaar ko sehra na banaao yaaro | इस चमन-ज़ार को सहरा न बनाओ यारो

  - dagh Niyazi
इसचमन-ज़ारकोसहराबनाओयारो
अपनेहाथोंसेनशेमनजलाओयारो
चोटलगतेहीबिखरजाएगाआईना-ए-दिल
संग-दिलमतबनोपत्थरउठाओयारो
उसनेचाहातोलियाकामअबाबीलोंसे
उसकेदरबारमेंसरअपनाझुकाओयारो
दर्जतारीख़केऔराक़मेंहोनाहैतुम्हें
इसक़दरख़ुदकोमजबूरबनाओयारो
अज़्मत-ए-ख़ाक-ए-वतनपरकहींहर्फ़आए
हैवतनख़तरेमेंअबहोशमेंआओयारो
मुझकोहैख़ौफ़किआँसूबरसजाएँकहीं
शीशा-ए-दिलकोतुमठेसलगाओयारो
डूबेकश्तीकहीं'दाग़'केअरमानोंकी
बहर-ए-जज़्बातमेंतूफ़ानउठाओयारो
  - dagh Niyazi
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