ajab apna haal hota jo visaal-e-yaar hota | अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता

  - Dagh Dehlvi
अजबअपनाहालहोताजोविसाल-ए-यारहोता
कभीजानसदक़ेहोतीकभीदिलनिसारहोता
कोईफ़ित्नाता-क़यामतफिरआश्कारहोता
तिरेदिलपेकाशज़ालिममुझेइख़्तियारहोता
जोतुम्हारीतरहतुमसेकोईझूटेवादेकरता
तुम्हींमुंसिफ़ीसेकहदोतुम्हेंए'तिबारहोता
ग़म-ए-इश्क़मेंमज़ाथाजोउसेसमझकेखाते
येवोज़हरहैकिआख़िरमय-ए-ख़ुश-गवारहोता
येमज़ाथादिल-लगीकाकिबराबरआगलगती
तुझेक़रारहोतामुझेक़रारहोता
मज़ाहैदुश्मनीमेंहैलुत्फ़दोस्तीमें
कोईग़ैरग़ैरहोताकोईयारयारहोता
तिरेवादेपरसितमगरअभीऔरसब्रकरते
अगरअपनीज़िंदगीकाहमेंए'तिबारहोता
येवोदर्द-ए-दिलनहींहैकिहोचारासाज़कोई
अगरएकबारमिटतातोहज़ारबारहोता
गएहोशतेरेज़ाहिदजोवोचश्म-ए-मस्तदेखी
मुझेक्याउलटदेतेजोबादा-ख़्वारहोता
मुझेमानतेसबऐसाकिअदूभीसज्देकरते
दर-ए-यारकाबाबनताजोमिरामज़ारहोता
तुम्हेंनाज़होक्यूँँकरकिलियाहै'दाग़'कादिल
येरक़महाथलगतीयेइफ़्तिख़ारहोता
  - Dagh Dehlvi
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