us chashm-e-ashk-e-baar ki zid raayegaan to ho | उस चश्म-ए-अश्क-ए-बार की ज़िद राएगाँ तो हो

  - Charagh Barelvi
उसचश्म-ए-अश्क-ए-बारकीज़िदराएगाँतोहो
मेरीफ़सील-ए-सब्रकाकोईनिशाँतोहो
येक्याकिएकसम्तहीजातीहैज़िंदगी
कुछकारोबार-ए-शोरिश-ए-सूद-ओ-ज़ियाँतोहो
जन्नतसीकोईचीज़होग़मकामुआवज़ा
बे-शकसुकूँयहाँहोलेकिनवहाँतोहो
जबरनकुछमिलेगातोइसरारकीजिए
बे-दस्त-ओ-पाहूँछोड़िएमुँहमेंज़बाँतोहो
लेजाइएबदनकोभीआख़िरकहाँपेआप
कोईज़मींतोहोकहींइकआसमाँतोहो
आएयक़ीनक्यूँहमेंजलताथाइकबदन
बे-शकआगहोकहींलेकिनधुआँतोहो
  - Charagh Barelvi
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