pyaas ko dariyaa raha aur KHaak ko sehra raha | प्यास को दरिया रहा और ख़ाक को सहरा रहा

  - Charagh Barelvi
प्यासकोदरियारहाऔरख़ाककोसहरारहा
इसकेमा'नीयेहुएकेयेसफ़रअच्छारहा
अबमैंडूबातबमैंडूबाबसइसीउम्मीदमें
इकसमुंदरपासमेरेरात-भरबैठारहा
मैंकोईमंज़िलनहींथामीलकापत्थरथाबस
बा'दमेरेभीमुसलसलरास्ताचलतारहा
एकआहटकेमेरेदरसेवापसहोगई
औरमैंकानोंकोतकिएसेदबासोतारहा
सुनलियाथाएकदिनइकसाँसहोगीआख़िरी
औरफिरहरसाँसपेउससाँसकाधड़कारहा
इकज़राहज़रतनेसबकुछहीबदलकररखदिया
जोकभीइकशख़्सथाअबवोफ़क़तचेहरारहा
ज़िंदगीअबऔरकोईग़मदियातोदेखियो
ख़ाककरदूँगातुझेमैंयेमिरावा'दारहा
  - Charagh Barelvi
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