उसचश्म-ए-अश्क-ए-बारकीज़िदराएगाँतोहो
मेरीफ़सील-ए-सब्रकाकोईनिशाँतोहो
येक्याकिएकसम्तहीजातीहैज़िंदगी
कुछकारोबार-ए-शोरिश-ए-सूद-ओ-ज़ियाँतोहो
जन्नतसीकोईचीज़होग़मकामुआवज़ा
बे-शकसुकूँयहाँनहोलेकिनवहाँतोहो
जबरननकुछमिलेगातोइसरारकीजिए
बे-दस्त-ओ-पाहूँछोड़िएमुँहमेंज़बाँतोहो
लेजाइएबदनकोभीआख़िरकहाँपेआप
कोईज़मींतोहोकहींइकआसमाँतोहो
आएयक़ीनक्यूँहमेंजलताथाइकबदन
बे-शकनआगहोकहींलेकिनधुआँतोहो