pahle ummeed jagaate ho tum | पहले उम्मीद जगाते हो तुम

  - Brajnabh Pandey
पहलेउम्मीदजगातेहोतुम
औरफिरतोड़केजातेहोतुम
जिस्मकेऔरभीतोहिस्सेहैं
क्यूँफ़क़तदिलहीदुखातेहोतुम
लोगऔरभीहैतुम्हारेनज़दीक
फिरभीमुझकोहीसतातेहोतुम
सबपताहैमेरेबारेमेंक्यूँँ
इसलिएनाचलेजातेहोतुम
सारीरातेंजोगुज़ारीतुमबिन
यारक्यूँयाददिलातेहोतुम
मैंतोरोताहूँवोरातेंभीदोस्त
जिनसभीरातोंकोआतेहोतुम
काँपनेलगताहूँमैंजानेक्यूँ
पासजबभीमेरेआतेहोतुम
  - Brajnabh Pandey
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