kitnii hi be-zarar sahi teri kharaabiyaan | कितनी ही बे-ज़रर सही तेरी ख़राबियाँ

  - Basir Sultan Kazmi
कितनीहीबे-ज़ररसहीतेरीख़राबियाँ
'बासिर'ख़राबियाँतोहैंफिरभीख़राबियाँ
हालतजगहबदलनेसेबदलीनहींमिरी
होतीहैंहरजगहकीकुछअपनीख़राबियाँ
तूचाहताहैअपनीनईख़ूबियोंकीदाद
मुझकोअज़ीज़तेरीपुरानीख़राबियाँ
जूँहीतअ'ल्लुक़ातकिसीसेहुएख़राब
सारेजहाँकीउसमेंमिलेंगीख़राबियाँ
सरकारकाहैअपनाहीमेआ'र-ए-इंतिख़ाब
यारोकहाँकीख़ूबियाँकैसीख़राबियाँ
आदमख़ताकापुतलाहैगरमानलेंयेबात
निकलेंगीइसख़राबीसेकितनीख़राबियाँ
उनहस्तियोंकीराहपेदेखेंगेचलकेहम
जिनमेंथींकिसीभीतरहकीख़राबियाँ
बोएँगेअपनेबाग़मेंसबख़ूबियोंकेबीज
जड़सेउखाड़फेंकेंगेसारीख़राबियाँ
'बासिर'कीशख़्सियतभीअजबहैकिइसमेंहैं
कुछख़ूबियाँख़राबकुछअच्छीख़राबियाँ
  - Basir Sultan Kazmi
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