shabnam ke aañsu phool par ye to vahii qissa hua | शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ

  - Bashir Badr
शबनमकेआँसूफूलपरयेतोवहीक़िस्साहुआ
आँखेंमिरीभीगीहुईचेहरातिराउतराहुआ
अबइनदिनोंमेरीग़ज़लख़ुशबूकीइकतस्वीरहै
हरलफ़्ज़ग़ुंचेकीतरहखिलकरतिराचेहराहुआ
शायदउसेभीलेगएअच्छेदिनोंकेक़ाफ़िले
इसबाग़मेंइकफूलथातेरीतरहहँसताहुआ
हरचीज़हैबाज़ारमेंइसहाथदेउसहाथले
इज़्ज़तगईशोहरतमिलीरुस्वाहुएचर्चाहुआ
मंदिरगएमस्जिदगएपीरोंफ़क़ीरोंसेमिले
इकउसकोपानेकेलिएक्याक्याकियाक्याक्याहुआ
अनमोलमोतीप्यारकेदुनियाचुराकरलेगई
दिलकीहवेलीकाकोईदरवाज़ाथाटूटाहुआ
बरसातमेंदीवार-ओ-दरकीसारीतहरीरेंमिटीं
धोयाबहुतमिटतानहींतक़दीरकालिक्खाहुआ
  - Bashir Badr
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy