kisi ki yaad men palken zaraa bhigo lete | किसी की याद में पलकें ज़रा भिगो लेते

  - Bashir Badr
किसीकीयादमेंपलकेंज़राभिगोलेते
उदासरातकीतन्हाइयोंमेंरोलेते
दुखोंकाबोझअकेलेनहींसँभलताहै
कहींवोमिलतातोउससेलिपटकेरोलेते
अगरसफ़रमेंहमाराभीहम-सफ़रहोता
बड़ीख़ुशीसेउन्हींपत्थरोंपेसोलेते
तुम्हारीराहमेंशाख़ोंपेफूलसूखगए
कभीहवाकीतरहइसतरफ़भीहोलेते
येक्याकिरोज़वहीचाँदनीकाबिस्तरहो
कभीतोधूपकीचादरबिछाकेसोलेते
  - Bashir Badr
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