azmatein sab tiri khudaai ki | अज़्मतें सब तिरी ख़ुदाई की

  - Bashir Badr
अज़्मतेंसबतिरीख़ुदाईकी
हैसियतक्यामिरीइकाईकी
मिरेहोंटोंकेफूलसूखगए
तुमनेक्यामुझसेबे-वफ़ाईकी
सबमिरेहाथपाँवलफ़्ज़ोंके
औरआँखेंभीरौशनाईकी
मैंहीमुल्ज़िमहूँमैंहीमुंसिफ़हूँ
कोईसूरतनहींरिहाईकी
इकबरसज़िंदगीकाबीतगया
तहजमीएकऔरकाईकी
अबतरसतेरहोग़ज़लकेलिए
तुमनेलफ़्ज़ोंसेबे-वफ़ाईकी
  - Bashir Badr
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