khud-faramoshi men khayal kahaan | ख़ुद-फ़रामोशी में ख़याल कहाँ

  - Bano Tahira Sayeed
ख़ुद-फ़रामोशीमेंख़यालकहाँ
मैंकहाँहसरत-ए-जमालकहाँ
वोआँसूहैंऔरवोआहें
अबवोअगलासाअपनाहालकहाँ
दिल-ए-वहशीनेसरउठायाहै
दूर-अँदेशी-ए-मआलकहाँ
ग़म-ए-दुनियामेंसरहैसरगर्दां
अबवोनैरंगी-ए-ख़यालकहाँ
अहद-ए-रफ़्ताकोभूलनाअच्छा
वोज़मानावोमाह-ओ-सालकहाँ
होशिकायतकिसीसेना-मुम्किन
येजसारतकहाँमजालकहाँ
किसतरहदास्तान-ए-ग़मकहे
कोईपुरसान-ए-अर्ज़-ए-हालकहाँ
  - Bano Tahira Sayeed
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