jab kutte raat ko rote hain | जब कुत्ते रात को रोते हैं

  - Balraj Komal
जबकुत्तेरातकोरोतेहैं
तोअक्सरलोगसमझतेहैं
कुछऐसाहोनेवालाहै
जोहमनेअबतकसोचाथाहीसमझाथा
जोहोनाथावोकबकालेकिनहोभीचुका
येशहरजला
इसशहरमेंरौशनहँसतेबस्तेघरथेकई
सबराखहुए
औरउनकेमकीं
कुछक़त्लहुए
कुछजानबचाकरभागगए
जोबा-इस्मतथीं
रुस्वाईकीख़ाकओढ़केराहगुज़रपरबैठीहैं
कुछबेवाहैं
कुछपा-बस्तारिश्तोंकीवहशतसहतीहैं
कुछअध-नंगेभूकेबच्चे
दिनभरआवाराफिरतेहैं
हरजानिबमुजरिमहीमुजरिम
उनमेंसेकुछहैंपेशा-वर
कुछसीखरहेहैंजुर्मकेफ़नकेराज़नएअसरारनए
जोहोनाथायेसचहैउसमेंसेतोबहुतकुछहोभीचुका
लेकिनशायदकुछऔरभीहोनेवालाहै
कुत्तेतोआख़िरकुत्तेहैं
दिनभरकचरेकेढेरोंपर
वोमारेमारेफिरतेहैं
जबरातउतरनेलगतीहैं
आनेवालेदुश्मन-मौसमकीदहशतसे
सबमिलकररोनेलगतेहैं
  - Balraj Komal
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