dil ka mo'amla vahii mahshar vahii raha | दिल का मोआ'मला वही महशर वही रहा

  - Balraj Komal
दिलकामोआ'मलावहीमहशरवहीरहा
अबकेबरसभीरातकामुंतज़िरवहीरहा
नौमीदहोगएतोसभीदोस्तउठगए
वोसैद-ए-इंतिक़ामथादरपरवहीरहा
साराहुजूमपा-पियादाचूँ-किदरमियाँ
सिर्फ़एकहीसवारथारहबरवहीरहा
सबलोगसचहैबा-हुनरथेफिरभीकामयाब
येकैसाइत्तिफ़ाक़थाअक्सरवहीरहा
येइर्तिक़ाकाफ़ैज़थायामहज़हादिसा
मेंडकतोफ़ील-पाहुएअज़दरवहीरहा
सबकोहुरूफ़-ए-इल्तिजाहमनज़्रकरचुके
दुश्मनतोमोमहोगएपत्थरवहीरहा
  - Balraj Komal
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