baarishon men ghusl karte sabz ped | बारिशों में ग़ुस्ल करते सब्ज़ पेड़

  - Balraj Komal
बारिशोंमेंग़ुस्लकरतेसब्ज़पेड़
धूपमेंबनतेसँवरतेसब्ज़पेड़
किसक़दरतश्हीर-ए-ग़मसेदूरथा
चुपकेचुपकेआहभरतेसब्ज़पेड़
दूरतकरोतीहुईख़ामोशियाँ
रातकेमंज़रसेडरतेसब्ज़पेड़
दश्तमेंवोराह-रौकाख़्वाबथे
घरमेंकैसेपाँवधरतेसब्ज़पेड़
दोस्तोंकीसल्तनतमेंदूरतक
दुश्मनोंकेढोरचरतेसब्ज़पेड़
करगएबे-मेहरमौसमकेसुपुर्द
रफ़्तारफ़्ताआजमरतेसब्ज़पेड़
  - Balraj Komal
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