ranj-e-na-aasoodagi karb-e-hunar dekhega kaun | रंज-ए-ना-आसूदगी कर्ब-ए-हुनर देखेगा कौन

  - Bakhtiyar Ziya
रंज-ए-ना-आसूदगीकर्ब-ए-हुनरदेखेगाकौन
नक़्श-ए-फ़र्यादीहैकिसकादीदा-वरदेखेगाकौन
जुम्बिश-ए-लबहीसेखुलजाएगामा'नीकाभरम
उसकेहर्फ़-ना-शनीदाकाअसरदेखेगाकौन
अपनीदुनियातकरखोमहदूदपरवाज़ेंअभी
नीलगूँपहनाइयोंमेंबाल-ओ-परदेखेगाकौन
अपनेकमरेकाकोईगुल-दानख़ालीक्यूँँरहे
फूलकाग़ज़केसजालोसूँघकरदेखेगाकौन
इकखिलौनातोड़करचलतीबनीपागलहवा
अबयेरेज़ारेज़ापैकरजोड़करदेखेगाकौन
कितनीतहज़ीबोंकामदफ़नहैहमारीज़िंदगी
जगमगाएशहरमेंलेकिनखंडरदेखेगाकौन
  - Bakhtiyar Ziya
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