na poochho wajh meri chashm-e-tar ki | न पूछो वज्ह मेरी चश्म-ए-तर की

  - Bakhtiyar Ziya
पूछोवज्हमेरीचश्म-ए-तरकी
मियाँफिरगिरगईदीवारघरकी
येमानाधुलगयासूरजसरोंसे
मिरेआँगनकीधूपअबतकसरकी
जबींतरख़ुश्क-लबतलवोंमेंछाले
यहीरूदादहैअपनेसफ़रकी
बदीनेकीइज़ाफ़ीमसअलेहैं
हुकूमतहैदिलोंपरसिर्फ़डरकी
गुमानोंकामुक़द्दरहैभटकता
यक़ींनेहरमुहिमदुनियाकीसरकी
सायाहैशाख़ोंमेंसमरहैं
ज़रूरतक्याहैअबसूखेशजरकी
झुलसतीधूपबारिशसर्दरातें
ब-हर-सूरत'ज़िया'हमनेबसरकी
  - Bakhtiyar Ziya
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