itnaa hai zindagi ka ta'alluq khushi ke saath | इतना है ज़िंदगी का तअ'ल्लुक़ ख़ुशी के साथ

  - Bakhtiyar Ziya
इतनाहैज़िंदगीकातअ'ल्लुक़ख़ुशीकेसाथ
एकअजनबीहोजैसेकिसीअजनबीकेसाथ
सूरजउफ़ुक़तकआतेहीगहनागयायहाँ
कुछतीरगीभीबढ़तीरहीरौशनीकेसाथ
हुक्कामकासुलूकवहीहैअवामसे
इब्न-ए-ज़ियादकाथाजोइब्न-ए-अलीकेसाथ
अल्लाहरेतग़ाफ़ुल-ए-चारा-गरान-ए-वक़्त
सुनतेहैंदिलकीबातमगरबे-दिलीकेसाथ
तबक़ोंमेंरंग-ओ-नस्लकेउलझाकेरखदिया
येज़ुल्मआदमीनेकियाआदमीकेसाथ
  - Bakhtiyar Ziya
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