dilbar kaha rafeeq kaha chaaragar kaha | दिलबर कहा रफ़ीक़ कहा चारा-गर कहा

  - Bakhtiyar Ziya
दिलबरकहारफ़ीक़कहाचारा-गरकहा
जोकुछभीतुमकोहमनेकहासोचकरकहा
वोतुमकिहमकोआजभीमुख़्लिसकहसके
औरहमनेसारीउम्रतुम्हेंमो'तबरकहा
येरौनक़ेंजहानकीमंसूबतुमसेकीं
फिरउनतजल्लियोंकोहरीम-ए-नज़रकहा
पुर्सिशतिरीफ़रेबतसल्लीतिरीफ़रेब
वोदिलकीबातथीजिसेदुनियाकाडरकहा
तेरेनुक़ूश-ए-पाकोबतायाहैकहकशाँ
तेरीगलीकेज़र्रोंकोशम्स-ओ-क़मरकहा
सबमुतमइनथेदेखकेआज़ादियाँमिरी
मेरेज़मीरनेमुझेबे-बाल-ओ-परकहा
उनपरतोकोईहर्फ़आनेदिया'ज़िया'
जोगुज़रीउसकोगर्दिश-ए-शाम-ओ-सहरकहा
  - Bakhtiyar Ziya
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