baat karne mujhe mushkil kabhi aisi to na thii | बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी

  - Bahadur Shah Zafar
बातकरनीमुझेमुश्किलकभीऐसीतोथी
जैसीअबहैतिरीमहफ़िलकभीऐसीतोथी
लेगयाछीनकेकौनआजतिरासब्रक़रार
बे-क़रारीतुझेदिलकभीऐसीतोथी
उसकीआँखोंनेख़ुदाजानेकियाक्याजादू
कितबीअ'तमिरीमाइलकभीऐसीतोथी
अक्स-ए-रुख़्सारनेकिसकेहैतुझेचमकाया
ताबतुझमेंमह-ए-कामिलकभीऐसीतोथी
अबकीजोराह-ए-मोहब्बतमेंउठाईतकलीफ़
सख़्तहोतीहमेंमंज़िलकभीऐसीतोथी
पा-ए-कूबाँकोईज़िंदाँमेंनयाहैमजनूँ
आतीआवाज़-ए-सलासिलकभीऐसीतोथी
निगह-ए-यारकोअबक्यूँँहैतग़ाफ़ुलदिल
वोतिरेहालसेग़ाफ़िलकभीऐसीतोथी
चश्म-ए-क़ातिलमिरीदुश्मनथीहमेशालेकिन
जैसीअबहोगईक़ातिलकभीऐसीतोथी
क्यासबबतूजोबिगड़ताहै'ज़फ़र'सेहरबार
ख़ूतिरीहूर-शमाइलकभीऐसीतोथी
  - Bahadur Shah Zafar
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