dhaani surmai sabz gulaabi jaise maa ka aanchal shaam | धानी सुरमई सब्ज़ गुलाबी जैसे माँ का आँचल शाम

  - Badr Wasti
धानीसुरमईसब्ज़गुलाबीजैसेमाँकाआँचलशाम
कैसेकैसेरंगदिखाएरोज़लबालबछागलशाम
चरवाहेकोघरपहुँचाएपहरे-दारसेघरछुड़वाए
आतेजातेछेड़तीजाएदरवाज़ेकीसाँकलशाम
सूरजकेपापोंकीगठरीसरपरलादेथकीथकीसी
ख़ामोशीसेमुँहलटकाएचलदेतीहैपैदलशाम
बेहिसदुनिया-दारोंकोहोदुनियाकीहरचीज़मुबारक
ग़म-ज़ादोंकासरमायाहैंआँसूआहेंबोतलशाम
सूरजकेजातेहीअपनेरंगपेजातीहैदुनिया
जाने-बूझेचुपरहतीहैशबकेमोड़पेकोमलशाम
साँसोंकीपुर-शोरडगरपेरक़्सकरेगासन्नाटा
चुपकेसेजिसरोज़अचानकछनकादेगीपायलशाम
'बद्र'तुम्हेंक्याहालसुनाईंइतनाहीबसकाफ़ीहै
तन्हाईमेंकटजातीहैजैसे-तैसेमख़मलशाम
  - Badr Wasti
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